Writer & Entrepreneur

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DREAM CREATION

Monday, February 26, 2024

उनकी याद आज भी सताती है मुझे - Sapna Jain


 उनकी याद आज भी सताती है मुझे 


छोटे में खुश हो जाने की उनकी आदत 

आज भी लुभाती है मुझे

उनको गए हो गए कई साल 

पर उनकी याद आज भी सताती है मुझे 


अक्सर करती हैं बेचैन रातें 

जब भी आता है सामने उनका चेहरा 

उठ कर बैठ सिसकियाँ लेती हूँ 

नियंत्रित नहीं होता कोई भी मोहरा 

उनकी हमेशा हँसने की आदत 

आंसू दे जाती है मुझे 

उनको गए हो गए कई साल 

पर उनकी याद आज भी सताती है मुझे 


उनकी कुछ सीखें ज़िंदगी जीने का तरीक़ा हैं बताती 

हिम्मत से आगे बढ़कर ख़ुद ही चलना सिखाती 

वो मासूमियत से उनका कहना कि 

“मुझमें क्या है, मैं तो एक आम सी महिला हूँ”

सादगी की मिसाल है दिखाती 


मेरी छोटी सी जीत पर खुश हो उछलने की उनकी आदत 

आज भी रुलाती है मुझे 

उनको गए हो गए कई साल 

पर उनकी याद आज भी सताती है मुझे 

पर उनकी याद आज भी सताती है मुझे

My Thought Board - Man ki Udaan by Sapna Jain


 

Thursday, January 25, 2024

सफ़र का आनंद लें - Zeal Zindagi with Sap


10- 

सफ़र का आनंद लें - Zeal Zindagi with Sap

Epi-10


मंज़िल पाने के चक्कर में हम अक्सर सफ़र का आनंद लेना भूल जाते हैंफिर चाहे वो रोड ट्रिप हो या ज़िंदगी का सफ़र  

दोस्तोंमैं हूँ सपना जैन… zeal zindagi with sap के ज़रिए मैं ज़िंदगी के सफ़र को ख़ुशनुमा बनाने की कोशिश करती हूँ  

अपने इस पॉडकास्ट में मैं आपसे अपने सफ़र अपनी journey को इंजॉय करने के लिए प्रेरित करूँगी फिर चाहे वो आपकी कहीं घूमनेकी यात्रा हो या फिर ज़िंदगी की यात्रा  


हम जब कहीं घूमने का प्लान बनाते हैं तो सारी प्लानिंग करके अपने गंतव्य तक पहुँचते हैं और फिर वहाँ इंजॉय करते हैं  लेकिन क्याआपने कभी सोचा है कि आपका एंजॉयमेंट गंतव्य तक मात्र पहुँचकर ही नहीं होता है बल्कि आपने जैसे ही अपनी यात्रा शुरू कीएंजॉयमेंट वहीं से शुरू हो जाता है  ठीक ऐसे ही ज़िंदगी है  जो चलती जा रही है … एक सफ़र की तरह  हमें बस उस सफ़र कोइंजॉय करना है  

किसकी क्या मंज़िल है वो कुछ डिसाइडेड नहीं है  हमने ख़ुद से अपनी मंज़िल तय की है और टारगेट लेकर चलें हैं की वहाँ तक पहुँचनाहै  लेकिन ज़िंदगी का असली मक़सद सिर्फ़ मंज़िल तक पहुँचना ही नहीं होना चाहिए बल्कि हर रास्ते कोमोड़ को जीते चलना हैक्योंकि वो वक़्त और वो नज़ारा दोबारा देखने को नहीं मिलेगा  

ज़िंदगी एक सफ़र ही तो है  बस यात्रा में तो फिर भी वापस आना या दोबारा वहाँ जाना पॉसिबल है लेकिन ज़िंदगी के सफ़र में जो रास्तेएक बार निकल गए वहाँ दोबारा जाना मुश्किल ही नहीं असंभव है  बस यही डिफ़रेंस है इस दुनिया की यात्रा में और ज़िंदगी की यात्रा में 

इसीलिए हर लम्हाहर दिनहर पलहर क्षण जो निकल रहा है वो वापस नहीं आयेगा  फिर क्यों बेकार की बातों और चीज़ों मेंउलझना  क्यों ना ज़िंदगी के इस खूबसूरत सफ़र को ख़ुशनुमा बनाकर अपनी ज़िंदगी के इस सफ़र का आनंद लिया जाये  मंज़िल पानेकी हड़बड़ी क्यों  और वैसे भी जिसे हम मंज़िल समझते हैं वो भी तो एक पड़ाव ही है जहाँ कुछ पल ठहर कर दूसरे सफ़र पर चल देंगे एक दूसरी ज़िंदगी के सफ़र पर  


सपना जैन @MankiUdaanbySapnaJain 




 

Tuesday, January 9, 2024

होड़ करने से पहले सोचें - Zeal Zindagi with Sap


 


होड़ करने से बचें - Zeal Zindagi with Sap


सबको जल्दी मची है सब कुछ करने कि क्योंकि हर किसी को लगता है कि मेरे सामने वाला, मेरे बाज़ू वाला, मेरे पीछे वाला कहीं मुझसे आगे ना निकल जाये । एक अलग से होड़ है सभी में । लेकिन किसी से भी होड़ के पहले ख़ुद से तो पूछिए कि आपको आख़िर चाहिए क्या ? 

दोस्तों मैं हूँ सपना जैन । zeal zindagi with sap के ज़रिए मेरी कोशिश रहती है कि आप लोगों की ज़िंदगी में कुछ अच्छे बदलाव ला सकूँ यही मेरे इस पॉडकास्ट का उद्देश्य है । 

अक्सर हम एक गलती करते हैं और वो ये कि बिना अपना उद्देश्य जाने हुए, हम लोगों को अंधा फ़ॉलो करने लगते हैं । और ये शुरुआत बहुत बचपन से हो जाती है । जैसे कुछ examples हैं - 

माँ-बाप अपने बच्चों की कैपेसिटी और टैलेंट जाने बग़ैर उन्हें दूसरे बच्चों के साथ तुलना करके उनको हर वह काम करने की होड़ मचा देते हैं जिसके लिये शायद उनका बच्चा बना ही नहीं है । 

Higher education में भी यही होता है । लोग वही कोर्स करने लगते हैं जो अपने आस-पास या दूसरों को करते देखते हैं । 

सेम फ़ॉलो करते हैं प्रोफ़ेशन में और भी अपनी ज़िंदगी के कई हिस्सों में । 

लेकिन ये सब करने से पहले अपने आप से ये तो पूछिए कि मेरा लक्ष्य क्या है । मुझे actual में क्या चाहिए? और दूसरों की तुलना के पहले मैं ये तो देख लूँ कि मुझे अगर वो मिल भी गया जिसके लिए मैंने प्रयत्न किया तो क्या मेरे को actual ख़ुशी मिलेगी? क्योंकि मैंने तो दूसरे के सपनों को फॉलो किया और दूसरों की तुलना करके वैसा ही किया लेकिन वो करना शायद उसका टारगेट था लेकिन मेरा टारगेट असल में है क्या ?

कुछ भी या किसी को भी अंधा फ़ॉलो करना व्यर्थ है । हाँ आप प्रेरणा ले सकते हैं, आप मोटिवेट हो सकते हैं लेकिन बिना कुछ सोचे-समझे किसी के जैसा करने लगना अपने सपनों और ज़िंदगी के साथ बेईमानी करना है ।  

So be honest to yourself and follow your dreams not of others.

Friday, December 22, 2023

Empathy की भावना Develop करें - Zeal Zindagi with Sap




Empathy की भावना Develop करें - Zeal Zindagi with Sap


हर किसी को अपनी समस्याएँ बड़ी लगती हैं और दूसरों की छोटी  मगर जिस दिन आप दूसरों की समस्याओं को बड़ी समझने लगोगेतो अपनी समस्या ख़ुद-बख़ुद छोटी लगने लगेगी 

दोस्तोंमैं हूँ सपना जैन  zeal zindagi with sap के ज़रिए मैं आप सभी के साथ जुड़ती हूँ और कुछ ऐसे हल्के-फुलके नज़रिए केबारे में डिस्कस करती हूँ जो सुनने में तो बड़े नार्मल से लगते हैं लेकिन अगर आप उन्हें असल ज़िंदगी में उतारोगे तो आपको वो बहुतइफ़ेक्टिव नज़र आयेंगे  


अक्सर हमारी फ़ितरत में होता है कि हम अपनी प्रोब्लम को सर पर चढ़ा लेते हैं और हर दूसरा इंसान हमें सुखी लगता है  असल में येसिर्फ़ स्टेट ऑफ़ माइंड है  

बिना किसी की ज़िंदगी को ठीक से जाने हुए आप कैसे किसी की समस्या को कमतर आंक सकते हो  अब इसका मतलब ये क़तई नहींहै कि आपको हर किसी की ज़िंदगी में झांकने की ज़रूरत है  असल में ज़रूरत बस इतनी है कि हर दूसरे इंसान की समस्या को भीउतना ही बड़ा समझना जितना हमने अपनी समस्या को बना रखा है  और हाँ कभी कभी तो सिर्फ़ समस्या को ही बड़ा नहीं बनाया हैबल्कि नार्मल सी बात को समस्या बना रखा है  अगर आप ध्यान से अपनी समस्या का विश्लेषण करोगे तो आपको पता चलेगा किकाफ़ी समस्या जो दिख रही हैं वो वाक़ई समस्या हैं ही नहीं , बल्कि कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिनको समस्या समझे बग़ैर भी सही किया जासकता है  तो जब ऐसा हो सकता है तो क्यों ना सबके सामने समस्या को गाये बग़ैर अपनी समस्या सिर्फ़ अपने साथ बैठकर सोचीजाये कि कहीं ऐसा तो नहीं कि ये समस्या कोई बड़ी परेशानी ना होकर सिर्फ़ दिमाग़ की एक उपज है  और अगर अपने दिमाग़ की इसउपज को अपने दिमाग़ से उखाड़ फेंके तो वो समस्या के रूप में पनप ही नहीं पाएगा 

कई बार तो हम सिर्फ़ अपने को बेचारा बनाने के चक्कर में अपने को फ़ालतू की समस्याओं में घेर लेते हैं  अनजाने में ये हम ग़लत करतेहैं  बजाय अपनी परेशानियों के दूसरों की समस्याओं पर गौर करें तो आप अपने आपको बहुत ही सुखी कंडीशन में पाओगे  लेकिनइसके लिए पहले दूसरों के साथ परानुभूति की भावना डेवलप करनी पड़ेगी तभी आप उनकी समस्याएँ समझ पाओगे  

मेरा ये पॉडकास्ट zeal zindagi with sap को सुनकर अगर आपके अंदर भी empathy की भावना जन्म लेने लगे तो मेरा मक़सदइस पॉडकास्ट को करने का पूरा हो जाये 

नमस्कार